जीवन शैली

रक्षा मंत्रालय

प्रविष्टि तिथि: 10 MAY 2021 
 

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने मछली पकड़ने वाली नाव एमएफवी कलम्मा से पांच मछुआरों को बचाया है, जो 9 मई, 2021 को हुतबे के पास बोमिल्ला खाड़ी में फंस गए थे। पोर्ट ब्लेयर के आईसीजी क्षेत्रीय मुख्यालय को डीएटी आईडी- 85068 से गैर-पंजीकृत संकट चेतावनी ट्रांसमीटर के जरिए एक चेतावनी दिन में 11 बजे मिली थी। चेतावनी मिलते ही आईसीजी ने तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया और जांच और सहायता के लिए हुतबे से तटरक्षक जहाज सी-412 को भेजा। चूंकि चेतावनी अपंजीकृत डीएटी से आई थीइसलिए नाव और उसके मालिक का विवरण आईसीजी के पास उपलब्ध नहीं था। सूचना को तुरंत मत्स्य अधिकारियों के साथ साझा किया गया और उनसे व्यक्ति / नाव की जानकारी को डीएटी के साथ साझा करने का अनुरोध किया गया।

लगभग 14:30 बजे अशांत समुद्र और तेज लहरों को पार करते हुएतटरक्षक जहाज ने संकटग्रस्त नाव की स्थिति का सफलतापूर्वक पहचान किया और नाव के चालक दल को जरूरी सामना और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की। मछली पकड़ने के लिए नाव 3 मई, 2021 को जंगलीघाट से रवाना हुई थी। बोमिल्ला खाड़ी में मछली पकड़ने के दौरान8 मई, 2021 की रात कोखराब मौसम के कारण नाव पलट गई और नाव में खारा पानी घुस के कारण उसका इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। तटरक्षक पोत सी-412 द्वारा नाव को खींच कर वापस लाया गया और 9 मई, 2021 को लगभग 19:45 बजे हुतबे पहुंचाया गया। नाव के सभी पांच चालक दल के सदस्यों के सुरक्षित और स्वस्थ होने की सूचना है। इसके अलावा चालक दल को नाव के साथ नाव आगे की औपचारिकताओं के लिए हुतबे में स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।

ताजा मामला मछली पकड़ने वाली नौकाओं द्वारा डीएटी के इस्तेमाल के महत्व और समुद्र में जीवन को बचाने में इसकी सार्थकता को सामने लाता है। विभिन्न मंचों पर आईसीजी मछुआरों को न केवल एसएआर का महत्व बता रहा है बल्कि उन्हें डीएटी पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित भी कर रहा है। इस तरह की सफल खोज और बचाव कार्य (एसएआर) मिशन एक प्रमुख एसएआर एजेंसी के रूप में आईसीजी पर मछुआरों के विश्वास को मजबूत करता है।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/Pic1(1)1OBX.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/Pic3X7ZB.jpg

 

****

    Mohd Aman

    Editor in Chief Approved by Indian Government

    Related Articles

    Leave a Reply

    Your email address will not be published.

    Back to top button