व्यापार

विद्युत मंत्रालय

एनएचपीसी ने वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक का सबसे अधिक 3233 करोड़ रुपए का लाभ कमाया

प्रविष्टि तिथि: 11 JUN 2021 
 

भारत की प्रमुख जलविद्युत कंपनी और विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत मिनी रत्न श्रेणी-I प्रतिष्ठान एनएचपीसी लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अपने अंकेक्षित वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी है। कंपनी के निदेशक मंडल ने कल अपनी बैठक में वित्तीय वर्ष 20-21 के लिए अंकेक्षित परिणामों को स्वीकृति दे दी।

एनएचपीसी ने वित्त वर्ष 2020-21 में एकल आधार पर पिछले वर्ष वित्त के 3007.17 करोड़ रुपए की तुलना में कर पश्चात 3233.37 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए परिचालन से 8506.58 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 8735.15 करोड़ रुपये था। 2020-21 के लिए समेकित शुद्ध लाभ 3582.13 करोड़ रुपये रहा जबकि 2019-20 में यह 3,344.91 करोड़ रुपये था। 2020-21 में समूह की कुल आय 10,705.04 करोड़ रुपये थी जबकि 2019-20 में 10,776.64 करोड़ रुपये थी।

कोविड-19 महामारी के जारी रहने के बावजूद एनएचपीसी के पावर स्टेशनों ने  वित्त वर्ष 2020-21 में 24471 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली का उत्पादन किया।

निदेशक मंडल ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए प्रति शेयर 0.35 रुपए के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। यह कंपनी द्वारा मार्च 2021 में प्रति शेयर 1.25 रुपए के दिए गए अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है। वित्त वर्ष 20-21 के लिए कुल लाभांश भुगतान 1607.21 करोड़ रुपये है जबकि वित्त वर्ष 19-20 के लिए कुल लाभांश भुगतान 1506.76 करोड़ रुपये था। एनएचपीसी के आज की तिथि में लगभग सात लाख शेयरधारक हैं। एनएचपीसी के सीएमडी श्री ए. के. सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी जारी रहने के बावजूद एनएचपीसी आक्रामक तरीके से विस्तार कार्य कर रही है और कंपनी की योजना जलविद्युत विकास के मूल व्यवसाय के साथ-साथ अखिल भारतीय स्तर पर अपने सौर तथा पवन ऊर्जा पोर्टफोलियो के विस्तार करने की है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में एनएचपीसी ने 4134 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता के साथ 5 परियोजनाओं को लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन किया है और हम इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर ध्यान दे रहे हैं।

एनएचपीसी ने पनबिजली, सौर और पवन परियोजनाओं के विकास के लिए नए अवसर तलाशने की दिशा में सभी स्तरों पर संबंधित अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित किए हैं। एनएचपीसी ने हाल ही में 850 मेगावाट की रैटल जलविद्युत परियोजना को लागू करने के लिए जम्मू-कश्मीर राज्य ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जेकेएसपीडीसी) के साथ एक संयुक्त उद्यम कंपनी रैटल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन लिमिटेड का गठन किया। एनएचपीसी ने सिक्किम में 120 मेगावाट की रंगिट चरण-IV जलविद्युत परियोजना के विकास के लिए जल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड का अधिग्रहण किया है।

 

    Mohd Aman

    Editor in Chief Approved by Indian Government

    Leave a Reply

    Back to top button